प्रयागराज

ख्वाबे ग़फ्लत से उठो हो गई दुनिया रौशन* (शायर आमिरुर रिज़वी)

प्रयागराज अवाम न्यूज़ एक्सप्रेस सह: संपादक दुर्गा मिश्रा की रिपोर्ट

ख्वाबे ग़फ्लत से उठो हो गई दुनिया रौशन* (शायर आमिरुर रिज़वी)

जश्ने ईद मिलाद-उन-नबी व जश्ने इमाम जाफर ए सादिक़ पर करैली रानीमंडी असरावे कलां में शायराना महफ़िल सजाई गई।असरावे कलां में मोईन भाई ,तो करैली इबादतखाना अल खिज़रा में मौलाना मोहम्मद ताहिर साहब के ज़ेरे ऐहतेमाम महफिलें मक़ासिद का आयोजन किया गया। रानीमंडी इमामबारगाह मीर हुसैनी में आयोजक सैय्यद अदील हुसैन , सैय्यद अक़ील हुसैन व सैय्यद ज़ैग़म हुसैन की ओर से सजी महफिल में मौलाना सैयद रज़ी हैदर रिज़वी साहब क़िब्ला ने पैग़म्बर ए इस्लाम हज़रत मोहम्मदे मुस्तफा (स०अ०व०) व इमाम जाफर ए सादिक़ (अ०स०) की यौम ए विलादत के पुरमसर्रत मौक़े पर जहां मुबारकबाद पेश की वहीं दोनों की शख्सियत व अहकामात पर तफसीली रौशनी डाली।नजीब इलाहाबादी के संचालन में शायराना महफ़िल में शोअरा ने एक से बढ़ कर एक अशआर सुना कर जमकर दाद बटोरी।शायर शहंशाह सोनवी ने बेहतरीन आवाज़ में पढ़ा।ऐ रश्के क़मर ऐ रश्के ज़माना क्या कहना!
ऐ खत्मो रिसालत फख्रो ज़मा हसनैन के नाना क्या कहना!!
ज़की पासबाॅ ने कुछ इस अन्दाज़ में अपने तास्सुरात का इज़हार किया।नूर अव्वल बना कर खुदा ने कहा!
कितना प्यारा है महबूब नूरी मेरा!!
अम्बर वसीम ने मौजूदा हालात पे आपसी यकजहती का पैग़ाम देते हुए पढ़ा। सुन्नी शिया वहाबी न बनने की सोचिये!
आशिक़ नबी का होना ही ऐने सवाब है!!
रंग-बिरंगी रोशनी से सजाई गई महफ़िल में शहंशाह सोनवी , अम्बर वसीम ,ज़की पासबाॅ ,मौलाना व शायर आमिरुर रिज़वी ,उस्ताद शायर अनवार अब्बास आदि ने एक से बढ़कर एक अशआर से महफ़िल को नूरानी बना दिया।महफ़िल में मौलाना रज़ी हैदर रिज़वी , ज़ाकिर ए अहलेबैत रज़ा अब्बास ज़ैदी , ज़ाकिर ए अहलेबैत हसन अली ,मिर्ज़ा काज़िम अली ,हैदर बशीर ,बाबर मिर्ज़ा ,असद रिज़वी ,सैय्यद मोहम्मद अस्करी ,असद हुसैन बब्बू ,रिज़वान अली अख्तर , ज़ुलक़रनैन आब्दी ,शाहरुख क़ाज़ी ,हसन रिज़वी ,नज़र अब्बास ,मिर्ज़ा मुस्तफा , काज़िम अब्बास ,मिर्ज़ा अज़ादार हुसैन ,माहे आलम ,ज़ामिन हसन , मुर्तु़ज़ा बेग आदि शामिल रहे।