प्रयागराज

भारतीय जनता पार्टी के 9 साल सेवा सुशासन और गरीब कल्याण -का भ्रमण अभियान

भारतीय जनता पार्टी के 9 साल सेवा सुशासन और गरीब कल्याण -का भ्रमण अभियान

प्रयागराज दुर्गा मिश्रा की रिपोर्ट

कोरांव प्रयागराज, के कोरांव तहसील के अंतर्गत, ग्राम पंचायत तराव में भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं के द्वारा, घर घर जाकर सरकार की योजनाओं को जन जन तक पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है। जहां पर विकास तथा योजना की बात को देखा जाए, आज भी प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के अंतर्गत ऐसे कोई गांव नहीं है, जहां पर आज तक गरीबों को राशन कार्ड प्राप्त ही नहीं हुए हैं। राशन मिलना तो बड़ी दूर की बात है ।प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत गरीब मजलूम आज भी झुग्गी झोपड़ी के सहारे अपना जीवन व्यतीत कर रहा है। लाभ उन्हीं को दिया जा रहा है जिनके पास खेती है, ट्रेक्टर है ,साधन है ,और आज भी कितने दलित गरीब मजदूर आवास से वंचित हैं। तथा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत आज भी किसान ,खतौनी आधार कार्ड, पासबुक लेकर सहज जन केंद्रों पर ऑनलाइन करा कर भी जमा किए हैं। जिनके खाते में आज भी ₹2000 की राशि नहीं आई, उन्हें दर-दर भटकना पड़ रहा है। सरकार स्वच्छ भारत मिशन के तहत सभी ग्राम पंचायतों में शौचालय की व्यवस्था दे दिया है ।और कुछ जगह पर शौचालय भी देखने को मिलते हैं। वहां पर भी कितने गरीब आज भी शौचालय से वंचित हैं। भारतीय जनता पार्टी के 9 साल कार्यकाल में आज भी कितनी ऐसी बस्तियां हैं। जहां पर बिजली को लोग तरस रहे थे, बिजली कब जाती है कब जाती है इसका कोई ठिकाना नहीं है। वैसे तो 22 घंटे का दावा किया जाता है ।लेकिन हालात कुछ ऐसे हैं जहां पर दो-चार 6 घंटे बिजली मिलती है और बल्ब जुगनू की तरह जलते देखे जाते हैं। माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के समर्थन के लिए 90 90 90 20 24 पर मिस्ड कॉल करने के लिए लोगों के पास घर घर जाकर अभियान चलाकर लोगों के नाम और मोबाइल नंबर सेंड किए जा रहे हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार इस व्यवस्था से विकास के रास्ते ,योजना के फायदे उन गरीबों तक पहुंच सकती है ,जिनके घर बिजली तो पहुंच गई है, मीटर तार लग गए हैं, बिल लाखों के आर पार आ रहे हैं। आज तक वह गरीब परिवार विद्युत विभाग के पीछे परेशान है। सबसे बड़ी बात तो यह रही, विकास के दावे सिर्फ कागज पर हो रहे हैं ।और योजना की इतिश्री कर दिया जा रहा है। यदि बिजली के संदर्भ में हम विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता से बात करते हैं, जैसे बात करते हैं तो एक आश्वासन मिलता है, कल आना काम हो जाएगा। व्यक्ति अधिकारियों के पीछे चलते चलते थक जाता है। लेकिन , विश्वास अब जनता का नहीं रहा, जनता भी इस बार फिर धोखा खा गई। लेकिन अब दुबारा लामबंद जनता सतर्क हो गई है। गांव में जाने पर सीधे तौर पर ढंग से आने जाने के लिए रास्ते नहीं, जहां रास्ते हैं, वहां सड़क पर ही लोग अतिक्रमण किए बैठे हैं ।इतना ही नहीं सड़क पर पानी बहता मिलता है। कीचड़ से युक्त सड़कें पर आने जाने की व्यवस्था चरमराई हुई है। आखिर कौन देगा ध्यान ,कैसे होगा विकास, अब जनता को नहीं है भरोसा।